6 में से 1
रविवार, 5 दिसंबर 2027
मंगनी
- समय
- 4:30 pm – 7:30 pm (IST)
- जगह
- गुलाब छत, सिद्दीक़ी हवेली, लखनऊचौक, अकबरी गेट के पास
- लिबास
- हल्के रंग
सुनहरी शाम में छत पर अँगूठियाँ, मिठाई और ढेरों दुआओं की पहली क़िस्त।
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लोड हो रहा है…بِسْمِ ٱللَّهِ ٱلرَّحْمَٰنِ ٱلرَّحِيمِ
आपके लिए शादी का दावतनामा

शुक्रवार, 10 दिसंबर 2027 · लखनऊ
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بِسْمِ ٱللَّهِ ٱلرَّحْمَٰنِ ٱلرَّحِيمِ
وَمِنْ ءَايَٰتِهِۦٓ أَنْ خَلَقَ لَكُم مِّنْ أَنفُسِكُمْ أَزْوَٰجًۭالِّتَسْكُنُوٓا۟ إِلَيْهَا وَجَعَلَ بَيْنَكُم مَّوَدَّةًۭ وَرَحْمَةً ۚإِنَّ فِى ذَٰلِكَ لَءَايَٰتٍۢ لِّقَوْمٍۢ يَتَفَكَّرُونَ
जनाब इमरान सिद्दीक़ी एवं बेगम नाज़िया सिद्दीक़ी
शुक्रवार, 10 दिसंबर 2027
6:30 pm से (IST)
संगमरमर की बारादरी, गुलिस्तान बाग़, लखनऊ
शुभाशीर्वाद
बुज़ुर्गों की दुआएँ
मरहूम जनाब अब्दुल हमीद सिद्दीक़ी एवं बेगम ज़ुबैदा सिद्दीक़ी
ज़ायान के दादा-दादी
जनाब सैयद अख़्तर रिज़वी एवं बेगम रेहाना रिज़वी
मेहर के दादा-दादी
अल्लाह तुम्हें बरकत दे, तुम पर अपनी बरकतें नाज़िल करे और तुम दोनों को भलाई में एक साथ रखे।
नए जोड़े के लिए पैग़म्बर ﷺ की दुआ · अबू दाऊद 2130, तिर्मिज़ी 1091
बेगम ज़ुबैदा सिद्दीक़ी और सिद्दीक़ी व रिज़वी ख़ानदान के सभी बुज़ुर्गों की दुआओं के साथ
उस दिन की ओर
निकलने से पहले
गुल-ओ-बुलबुल
ज़ायानमेहर
हमारी दादियाँ पुराने लखनऊ में बचपन की सहेलियाँ थीं, और बरसों तक उन्होंने हम दोनों को मिलाने की कोशिश की। हर बार हम दोनों को कहीं और होने का कोई न कोई बहाना मिल जाता।
फिर अमीनाबाद का एक सर्दियों वाला किताब मेला आया, मेज़ पर फ़ैज़ की आख़िरी प्रति और उसकी ओर बढ़ते दो हाथ। हम इस पर उलझे कि पहले किसने देखी, फिर उसे बाँट लिया, और स्टॉल बंद होने तक बातें करते रहे।
उसके बाद दिल्ली और बेंगलुरु, ढेरों रेल टिकट, और दो ख़ानदान जिन्हें हर बात हमसे पहले पता होती थी।
पिछले बसंत, क़ैसरबाग़ के एक बाग़ में, फ़व्वारों के बीच और सरूओं के ऊपर उगते चाँद तले, ज़ायान ने पूछा। मेहर ने हाँ कह दी, और हमारी दादियों ने कहा कि उन्हें तो हमेशा से पता था।
बाग़ में हमारी ख़ुशियाँ
6 में से 1
रविवार, 5 दिसंबर 2027
सुनहरी शाम में छत पर अँगूठियाँ, मिठाई और ढेरों दुआओं की पहली क़िस्त।
6 में से 2
बुधवार, 8 दिसंबर 2027
आँगन में उबटन, गेंदे के फूल और औरतों के गीत। ऐसे कपड़े पहनें जिन पर पीला रंग चढ़ जाए तो कोई बात नहीं।
6 में से 3
बुधवार, 8 दिसंबर 2027
ढलती शाम में शामियाने तले मेहंदी, चाय और पुराने फ़िल्मी गीत।
6 में से 4
गुरुवार, 9 दिसंबर 2027
दोनों ख़ानदानों की ढोलक, टप्पे और छेड़छाड़ भरे गीतों की एक रात। अपनी आवाज़ साथ लाएँ।
6 में से 5
نکاح مبارک
शुक्रवार, 10 दिसंबर 2027
6 में से 6
रविवार, 12 दिसंबर 2027
बाग़ में उन सबके साथ दावत, जिन्होंने यह मुमकिन किया।
शीश महल
क्या आप हमारे साथ होंगे?
कृपया 15 नवंबर 2027 तक हमें बताएं कि क्या आप हमारे साथ शामिल होंगे।
क़लम से लिखा
#ZayanKiMehr
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(विशेष आग्रह)